जोड़ी जब मिलती नहीं, हर दिन कटे बवाल;
हर दिन कटे बवाल , मौन रह कर सह जाती,
मन की बात किसी के सम्मुख न कह पाती ;
कर दहिया में वास, सभी को दिखा सौभाग्य,
मन में विचलन रोज, यही है अपना भाग्य ।
खेतिहर ने रच दिया, एक नया इतिहास, एक एकता बन चुकी, मिलकर करें विकास; मिलकर करें विकास, नहीं मजदूर बनेंगे, अपनी भूमि पर, इच्छा से काश्त करेंग...